प्रयागराज। जिले में पूर्व जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता रणधीर यादव की अपहरण के बाद हत्या का खुलासा हो गया है। हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही दोस्त उदय यादव ने की थी। हत्या के बाद लाश को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था।
लाश के इतने टुकड़े हो गए कि पुलिस पहचान भी नहीं करा सकी और दाह संस्कार करा दिया था। पुलिस के अनुसार उदय यादव के परिवार के साथ भाजपा नेता नैनीताल घूमने गया था। यहां उदय की पत्नी के साथ होटल में संबंध बनाते रंगेहाथ पकड़ा गया था। कुछ दिन बाद ही उदय की पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बताया गया कि उसने जहर खाया था। अब भाजपा नेता का अपहरण कर मौत के घाट उतार दिया गया।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव 22 अगस्त को अचानक लापता हो गए थे। उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य बबली यादव ने अपहरण की आशंका जताते हुए पति के ही दोस्त उदय यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उदय ने पुलिस के कब्जे में आते ही सबकुछ उगल दिया।
पुलिस के अनुसार निजी अस्पताल में कंपाउंडर के पद पर कार्यरत उदय यादव ही पूर्व जिपं सदस्य रणधीर यादव का सोशल मीडिया एकाउंट भी संचालित करता था। दोनों में काफी अच्छी दोस्ती थी। लगभग दो महीने पहले रणधीर यादव, उदय यादव, उसकी पत्नी अंजलि यादव और आठ साल का बेटा नैनीताल घूमने गए थे। अंजलि के कहने पर होटल के एक ही कमरे में चारों ठहरते थे। रणधीर यादव ने उदय को खाना लाने को भेजा था, जबकि अंजलि ने अपने बेटे को बाहर खेलने को छोड़ दिया। उदय जब लौटा तो रणधीर और अंजलि को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर सन्न रह गया।
वहां से लौटने के बाद उसने अपनी पत्नी को उसके मायके नींवा धूमनगंज छोड़ दिया था। इसी बीच 11 जुलाई को अंजलि की मायके में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए ही शव का दाह संस्कार भी कर दिया था। पुलिस का माना है कि उदय ही पत्नी की मौत के लिए भी जिम्मेदार है। इसी बीच रणधीर यादव की हत्या की साजिश रची। साजिश में उसने अपने भाई विजय यादव, भतीजे राम सिंह यादव, नौकर सुजीत श्रीवास्तव और सास लीला देवी को भी मिलाया।
साजिश के तहत 22 अगस्त को राम सिंह यादव अपने साथ रणधीर यादव को हथिगहां के रवि ढाबा ले गया। जहां दोनों ने जमकर शराब पी। इसके बाद फाफामऊ के मलाक हरहर गए। जहां स्कार्पियो में उदय यादव, विजय यादव व सुजीत श्रीवास्तव भी सवार हो गए। इसके बाद रणधीर का गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। शव को ठिकाने लगाने की नीयत से रेलवे ट्रैक पर फेंक कर सभी फरार हो गए।
पुलि को उसी रात बमरौली स्टेशन के आउटर के पास सूबेदारगंज की तरफ जाने वाली रेल पटरी पर टुकड़ों में शव तो मिला लेकिन पहचान नहीं हो सकी। स्टेशन मास्टर की सूचना पर पूरामुफ्ती थाने की पुलिस ने शव को 72 घंटे बाद भी शिनाख्त नहीं होने से लावारिस में दाह संस्कार करा दिया था। रणधीर यादव के पिता राम अभिलाष यादव ने गुरुवार को कपड़े व फोटो के आधार पर शिनाख्त की।
नैनीताल में पत्नी अंजलि और दोस्त रणधीर को संबंध बनाते देखने के बाद ही उदय आग बबूला हो गया था। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अंजलि की जहर निगलने से मौत होने की आशंका है। हालांकि उस वक्त मायका पक्ष व उसके पति ने बिना पोस्टमॉर्टम के ही शव का दाह संस्कार कर दिया था। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि अंजलि ने आत्महत्या की थी अथवा उसकी हत्या की गई थी।
पीडब्ल्यूडी में स्टेनो है राम सिंह
पुलिस के अनुसार, हत्यारोपी राम सिंह यादव प्रतापगढ़ जिले में पीडब्ल्यूडी में स्टेनो के पद पर कार्यरत है। वहीं उदय यादव का भाई विजय यादव प्रयागराज के एजी आफिस मोड़ के समीप चाय की दुकान चलाता है। उसी के चाय की दुकान पर करछना का सुजीत श्रीवास्तव काम करता है। उधर लीला को हत्या का कोई पछतावा नहीं है। साभार एचटी।
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फाइल फोटो |
रिपोर्ट:अमित कुमार सिंह
एडिटर इन चीफ(परमार टाईम्स)
parmartimes@gmail.com
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