कानपुर । जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां शादी को ही कमाई का जरिया बना लेने वाली लुटेरी दुल्हन को सोमवार को पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। कानपुर के ग्वालटोली थाने में तैनात दरोगा से चौथी शादी करके उनके मकान का ताला तोड़कर कब्जा कर लिया था।
साथ ही उनके खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी। उनकी शिकायत पर एसआईटी की जांच के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस को उसके खाते से आठ करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रांजेक्शन मिला है। पुलिस के मुताबिक शादी के बाद महिला पहले तो रुपये-गहने लेकर फरार हो जाती थी। इसके बाद दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराकर वसूली करती थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद एक पूर्व डिप्टी एसपी पैरवी करने पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गए थे।
बुलंदशहर के बीबीनगर में रहने वाले आदित्य कुमार लोचव 2019 बैच के एसआई हैं। आदित्य ने बताया कि पिता ऋषिपाल किसान थे और मां राजेश देवी गृहिणी थी। घर में एक दिव्यांग भाई है। गांव के ही एक रिश्तेदार मेरठ मवाना में रहने वाली 30 साल की दिव्यांशी चौधरी का रिश्ता लेकर आए थे। स्कॉर्पियो कार, लाखों के जेवरात और धूमधाम से शादी करने की बात कही। लड़की देखने के बाद परिवार ने हामी भर दी और दोनों परिवारों की रजामंदी से 17 फरवरी 2024 को शादी हो गई। आदित्य ने बताया कि शादी के बाद से दिव्यांशी अक्सर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का हवाला देकर घर चली जाती थी। इसके साथ ही दिव्यांशी उनसे ऑनलाइन रुपये भी मांगती थी। इस पर उन्हें शक हो गया।
शादी के चार महीने बाद वह छुट्टी पर घर गए तो दिव्यांशी भी थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही उसका मोबाइल लिया तो वह बेचैन हो उठी। वह अक्सर यूपीआई आईडी डिलीट कर देती थी। इसका कारण पूछा तो कोई जवाब नहीं दे सकी। उन्होंने फिर से सभी एप डाउनलोड कराए। एप की जांच की तो ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में 10 से ज्यादा खाते और करोड़ों का ट्रांजेक्शन मिला। खातों के बारे में पूछने के बाद दिव्यांशी उनसे झगड़ाकर मायके चली गई और फिर लौटी नहीं। आरोप है कि उसने दुष्कर्म समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज करा दिए। इसके बाद एसआईटी ने जांच शुरू की। एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद एडीसीपी अर्चना सिंह ने दिव्यांशी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के बाद एक पूर्व डिप्टी एसपी पुलिस आयुक्त से शिकायत करने पहुंचे थे और दिव्यांशी की गिरफ्तारी को अवैधानिक बताया। इस पर पुलिस आयुक्त ने उनसे लिखित में प्रार्थना पत्र लिया है।
पुलिस कमिश्नर ने बैठाई थी जांच
दरोगा की पत्नी दिव्यांशी ने कानपुर कमिश्नरेट में भी हाई वोल्टेज ड्रामा किया था। इसी दौरान दरोगा भी अपना पक्ष रखने पहुंचे थे। दोनों की शिकायत सुनने के बाद पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने जांच बैठा दी थी। तत्कालीन स्टाफ अफसर अमिता सिंह ने इस मामले की जांच की। दरोगा ने दिव्यांशी चौधरी के खिलाफ सैकड़ों साक्ष्य दिए, जिससे यह साबित हुआ कि दिव्यांशी शादी करने के बाद पैसा वसूलती है।
दरोगा का आरोप, पुलिस अधिकारियों को भी भेजती थी रुपये
दरोगा आदित्य ने बताया कि दिव्यांशी चौधरी ने उससे पहले एक एसआई और दो डॉक्टरों से भी शादी की थी। शादी खत्म करने के एवज में डॉक्टरों से मोटी राशि वसूली गई। एसआई ने भी पहले रुपये दिए लेकिन बाद में वह उसके साथ मिल गया। दरोगा ने आरोप लगाया कि दिव्यांशी को कई पुलिस अधिकारियों से मदद मिलती है। उन्होंने कई अधिकारियों के खातों में रुपये भेजने की डिटेल भी दी थी। उन्होंने दिव्यांशी के 10 एकाउंट होने का दावा किया है। साभार एचटी।
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| फाइल फोटो |
रिपोर्ट:अमित कुमार सिंह
एडिटर इन चीफ(परमार टाईम्स)
parmartimes@gmail.com

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