आजमगढ़: धार्मिक नगरी अयोध्या से लेकर प्रयागराज महाकुंभ तक श्रद्धालुओं की जेब काटने वाला अंतर्राज्यीय टप्पेबाज गिरोह अब पुलिस के शिकंजे में है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के कड़े निर्देशों के अनुपालन में, थाना बिलरियागंज पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना और उसके साथी की लगभग 15 लाख रुपये कीमत की चार बेशकीमती गाड़ियां गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर ली हैं।
श्रद्धालुओं के 'पसीने की कमाई' से बनाई संपत्ति
जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना राज उर्फ सावरिया और उसका सहयोगी अरुण कुमार उर्फ समर बेहद शातिर हैं। ये अपराधी सुनियोजित तरीके से प्रयागराज महाकुंभ, अयोध्या, काशी विश्वनाथ और लखनऊ जैसे प्रमुख स्थलों पर पहुंचते थे। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर ये श्रद्धालुओ के गहने और नकदी पर हाथ साफ करते थे। अपराध से अर्जित इसी काली कमाई से इन्होंने लग्जरी वाहन खरीदे थे।
जिला प्रशासन का सख्त रुख
गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत पुलिस ने इन संपत्तियों को चिन्हित किया था। जिलाधिकारी, आजमगढ़ द्वारा पारित आदेशों के बाद, पुलिस ने 5 जुलाई को इन वाहनों को अपने कब्जे में लेकर थाना परिसर में खड़ा कर दिया।
जब्त किए गए वाहनों की सूची
पुलिस की कार्रवाई में गिरोह के मुख्य सदस्यों की ये गाड़ियां अब सरकारी नियंत्रण में हैं:
राज उर्फ सावरिया के नाम: मेस्ट्रो एज और हीरो स्प्लेंडर प्लस,अरुण कुमार उर्फ समर के नाम:हीरो स्प्लेंडर प्लस, स्टेक और हुंडई वैन्यू
संदेश साफ: अपराध का साम्राज्य नहीं टिकेगा
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व थानाध्यक्ष बिलरियागंज अमित कुमार मिश्र ने किया। उनके साथ कांस्टेबल सतपाल सिंह, आरक्षी बैजनाथ मद्देशिया और महिला आरक्षी हर्षिता द्विवेदी की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के अन्य अपराधियों में हड़कंप मच गया है। आजमगढ़ पुलिस ने चेतावनी दी है कि संगठित अपराध के जरिए बनाई गई हर इंच संपत्ति को सरकार अपने कब्जे में लेगी। यह कार्रवाई मात्र शुरुआत है; ऐसे गिरोहों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना पुलिस की प्राथमिकता है।
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| पुलिस द्वारा जब्त लक्ज़री कार और बाइक |
रिपोर्ट:अमित कुमार सिंह
एडिटर इन चीफ(परमार टाईम्स)
parmartimes@gmail.com

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