आजमगढ़: जनपद में साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर सेल और थाना मेहनाज़पुर की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पीड़ित के खाते से उड़ाए गए 70 हजार रुपये सुरक्षित वापस करा दिए हैं।
क्या था पूरा मामला?
थाना मेहनाज़पुर क्षेत्र के एक नागरिक के बैंक खाते से अज्ञात साइबर ठगों ने बिना उसकी जानकारी के 70,000 रुपये की धनराशि निकाल ली थी। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने घबराकर इसकी सूचना तत्काल थाना मेहनाज़पुर स्थित साइबर हेल्पडेस्क को दी।
पुलिस की 'क्विक एक्शन' टीम ने दिखाया दम
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर हेल्पडेस्क प्रभारी, उपनिरीक्षक दीपक राय ने बिना समय गंवाए सक्रियता दिखाई। पुलिस टीम ने तुरंत निम्नलिखित कदम उठाए:
निलंबन और पंजीकरण: शिकायत को तत्काल प्रभाव से NCRP (National Cybercrime Reporting Portal) पर पंजीकृत कराया गया।
तकनीकी समन्वय: पुलिस टीम ने बैंक और संबंधित तकनीकी एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया।
धनराशि की वापसी: पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी सतर्कता के चलते ठगों द्वारा निकाली गई पूरी धनराशि 70,000 रुपये को सुरक्षित रूप से पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दिया गया।
पीड़ित ने जताया आभार
अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर पीड़ित ने राहत की सांस ली और साइबर हेल्पडेस्क प्रभारी दीपक राय तथा पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
पुलिस की अपील: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पडेस्क या 1930 नंबर पर सूचना दें। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाएगी, उतनी ही जल्दी धनराशि सुरक्षित होने की संभावना बढ़ जाती है।
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| साइबर हेल्पडेस्क प्रभारी, उपनिरीक्षक दीपक राय |
रिपोर्ट:अमित कुमार सिंह
एडिटर इन चीफ(परमार टाईम्स)
parmartimes@gmail.com

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