गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रोचक और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (परियोजना आधारित शिक्षण) को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में 7 और 8 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में दो दिवसीय जनपद स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण समग्र शिक्षा परियोजना के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग और एसआईएचएफडब्ल्यू के तत्वावधान में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 75 जनपदों के 275 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ये प्रशिक्षित शिक्षक प्रदेश के 18,080 उच्च प्राथमिक एवं पीएम श्री विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों को प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग की शिक्षण विधि से प्रशिक्षित करेंगे।
प्रशिक्षण के द्वितीय बैच में गाजीपुर जनपद से तीन शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। इनमें डॉ. ऋतु श्रीवास्तव, सहायक अध्यापिका, कंपोजिट स्कूल डीलिया, ब्लॉक सदर; प्रदीप कुमार सिंह, प्रधानाध्यापक, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय सैदपुर; तथा दिवाकर सिंह, एआरपी विज्ञान, कंपोजिट विद्यालय भिक्खेपुर, ब्लॉक देवकली शामिल रहे।
विद्यार्थियों में विकसित होंगी चार प्रमुख दक्षताएं
प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग शिक्षण विधि के माध्यम से बेसिक विद्यालयों के विद्यार्थियों में चार प्रमुख कौशलों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। इनमें संचार कौशल (कम्युनिकेशन), रचनात्मकता (क्रिएटिविटी), सहयोग (कोलैबोरेशन) और आलोचनात्मक चिंतन (क्रिटिकल थिंकिंग) शामिल हैं।
इस पद्धति के तहत विद्यार्थी केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से विषयों को समझने, समस्याओं का समाधान खोजने, समूह में कार्य करने और अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने का अवसर प्राप्त करेंगे।
डायट सैदपुर में शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के आगामी चरण में डायट सैदपुर में गणित एवं विज्ञान विषय के शिक्षकों को प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग की विधियों से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करना है, ताकि विद्यार्थियों को गतिविधि आधारित और व्यावहारिक शिक्षा मिल सके।
इस पहल के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डायट प्राचार्य एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती उपासना रानी वर्मा ने अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण से जिले के विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी।
![]() |
| फाइल फोटो |
रिपोर्ट:अमित कुमार सिंह
एडिटर इन चीफ(परमार टाईम्स)
parmartimes@gmail.com

एक टिप्पणी भेजें