जौनपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक की देख रेख में चल रहे बोर्ड परीक्षा सेन्टर निर्धारण में पैसों का खेल जमकर चला, जिसका पैसा पहुंचा उसका सेन्टर फाइनल, न कोई नियम न कोई कानून, सिर्फ और सिर्फ पैसे को ही नियम बना दिया गया, कुछ प्रबंधकों ने तो यहाँ तक कहा कि इस समय आफिस को ऑफिस के बाबू नही बल्कि एक इंटर कॉलेज का बाबू चला रहा है। वो पैसा लेने का भी कार्य करता है और जो वह फाइनल भी कर देगा। वह जिलाविद्यालय निरीक्षक की तरफ से भी फाइनल कर दिया जाता है, पूरे सेन्टर निर्माण में इस इंटर कॉलेज के बाबू की ही चली है, बाकी ऑफिस के सभी बाबू इसी की चरण बन्दना में लगे रहे।
कुछ प्रबंधकों का कहना है कि इस बाबू द्वारा फोन पर पैसे की बात करने की रिकॉर्डिंग भी है, जिसमें वह जिला विद्यालय निरीक्षक के नाम पर पैसे मांग रहा है। जिसको प्रबंधक लोग कल जिलाधिकारी से मिलकर सुनाएंगे,
एक प्रबंधक ने यहां तक कहा कि इस बाबू ने एक हफ्ते पहले ही फोन पर कह दिया था कि पैसा नही देंगे तो सेंटर नही बनेगा और सच मे सेंटर नही बना, जब कि विद्यालय सारे मनको को पूरा करता है विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है।
रिपोर्ट: अमित कुमार सिंह
जर्नलिस्ट
जौनपुर
a.singhjnp@gmail.com

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