जौनपुर । हाथरस कांड को लेकर पूर्वांचल यूनिवर्सिटी के सामने हुए धरना प्रदर्शन में उधर से गुजर रहे सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र निवासी अनुसूचित जाति की वादिनी के पुत्र को धरना प्रदर्शन का जिम्मेदार बताने, उसे व उसके पुत्र पर जानलेवा हमला कर मारने पीटने, उसके साथ छेड़खानी करने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश थानाध्यक्ष सराय ख्वाजा को दिया।
सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र निवासी वादी ने कोर्ट में धारा 156(3)के तहत दरखास्त दिया कि वह अनुसूचित जाति की गरीब महिला है| उसका पुत्र छात्र है|हाथरस की घटना के विरोध में पूर्वांचल पुलिस चौकी के सामने 14 अक्टूबर 2020 को कुछ लोग धरना प्रदर्शन कर रहे थे| वादिनी का पुत्र उसी रास्ते से बाजार सामान लेने जा रहा था| प्रदर्शनकारियों के साथ वादिनी के पुत्र व अन्य राहगीरों का भी फोटो व वीडियो पुलिस द्वारा बनाया गया| 15 अक्टूबर 2020 को 5:00 बजे सुबह चौकी इंचार्ज राजेश कुमार सिंह घर आए और कहे कि तुम्हारा बेटा नेता बनता है| चौकी के सामने प्रदर्शन कर रहा था| जबरन पकड़ कर ले जाने लगे| विरोध करने पर वादिनी, उसके पति को भी पकड़कर चौकी पर ले गए| हम तीनों को बेरहमी से मारा पीटा, जातिसूचक गालियां दिया तथा छेड़खानी की|फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दिया|चोटों से उसका पुत्र बेहोश हो गया| रह-रह कर उल्टी होने लगी| पुलिस ने जबरन सादे कागज पर अंगूठा निशान लगाकर 151 में चालान कर दिया| घटना की सूचना डीएम और एसपी को दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई| कोर्ट ने प्रथम दृष्टया संगीन मामला पाते हुए पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया । साभार दैनिक जागरण।
रिपोर्ट: अमित कुमार सिंह
जर्नलिस्ट
जौनपुर
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