प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि कॉलेज की प्रबंध समिति ने अध्यापक की बर्खास्तगी का प्रस्ताव पारित किया है तो निलंबन आदेश का अनुमोदन देने से इनकार कर जिला विद्यालय निरीक्षक को बहाली का निर्देश देने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने निरीक्षक को प्रबंध समिति के प्रस्ताव को दस्तावेजों सहित माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को अग्रसारित करने का निर्देश दिया है। बोर्ड को निरीक्षक के अनुमोदन से इनकार कर बहाली आदेश की अनदेखी कर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने जन सेवक इंटर कालेज सलारपुर पवई, आजमगढ़ की प्रबंध समिति की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने प्रतिवाद किया। प्रबंध समिति ने कार्यवाहक प्रधानाध्यापक को अनियमितता के आरोप में निलंबित कर दिया था और अनुमोदन के लिए डीआइओएस को भेजा। डीआइओएस ने निलंबन का अनुमोदन करने से इनकार कर कार्यवाहक प्रधानाध्यापक को बहाल करने का निर्देश दिया। इसे प्रबंध समिति ने यह कहते हुए चुनौती दी कि समिति ने कार्यवाहक प्रधानाध्यापक को बर्खास्त करने का प्रस्ताव पारित किया है। ऐसे मे बहाली का आदेश देना गलत है, उसे रद किया जाए।
रिपोर्ट: अमित कुमार सिंह
जर्नलिस्ट
जौनपुर
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