पूर्व विधायक के इशारे पर हुआ था पूर्व सांसद धनजंय सिंह पर केस दर्ज

पूर्व विधायक के इशारे पर हुआ था पूर्व सांसद धनजंय सिंह पर केस दर्ज

लखनऊ । राजधानी के आलमबाग में पिछले साल हरदोई के हिस्ट्रीशीटर व पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र कालिया पर हमले में नया मोड़ आ गया है। तीन दिन की रिमांड के आखिरी दो घंटे में कालिया ने पुलिस के सामने कई राज उगले। उसने बताया कि अवध क्षेत्र के एक पूर्व विधायक के इशारे पर उसने जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। उसके बयान के बाद पुलिस अब इस मामले में दो अन्य लोगों को आरोपी बनाने की तैयारी कर रही है। जल्द ही इन दोनों का नाम भी मुकदमे में बढ़ा लिया जाएगा।

हरदोई के हिस्ट्रीशीटर व रेलवे के ठेकेदार सुरेंद्र कालिया ने जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को फंसाने और सरकारी सुरक्षा हासिल करने के लिए 13 जुलाई 2020 की शाम को खुद पर फायरिंग करवाई थी। इस मामले में सुरेंद्र कालिया ने अवध क्षेत्र के पूर्व विधायक के कहने पर तहरीर में पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हमले का आरोप लगाया था। यह कुबूलनामा सुरेंद्र कालिया ने बृहस्पतिवार को रिमांड के अंतिम दिन पुलिस अधिकारियों के सामने किया। पुलिस के मुताबिक, अवध क्षेत्र का विधायक पूर्वांचल के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का करीबी रहा है। पुलिस ने सुरेंद्र कालिया का मुकदमा दर्ज करने के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो हमले की कहानी ही दूसरी निकली।

पुलिस ने इस मामले में 10 अगस्त को चार शूटरों को गिरफ़्तार किया। 

चारों शूटरों ने पुलिस के सामने इस बात का कुबूलनामा किया था कि सुरेंद्र कालिया ने खुद ही हमले की साजिश रची थी। उसी ने असलहे उपलब्ध कराए थे। जब इसकी जानकारी कालिया को मिली तो वह लखनऊ से फरार हो गया। पुलिस ने सुरेंद्र पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था। इसके बाद वह पश्चिम, दक्षिण व मध्य भारत घूमता हुआ कोलकाता पहुंचा। जहां अवैध असहले के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। उसने कुबूल किया कि फरारी के दौरान अवध क्षेत्र के इसी विधायक ने मदद की थी। उसके एक रिश्तेदार के घर पर वह कई दिनों तक ठहरा था।

#घटनास्थल पर चुप्पी साधे रहा

पुलिस सुरेन्द्र को गुरुवार को घटनास्थल पर ले गई। यहां भी वह ज्यादा नहीं बता सका। सवालों में उलझने लगा तो उसने चुप्पी साध ली। यहां से लौटते समय उसने एक घर से घटना में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद करा दी। उसने बताया कि साजिश में शामिल अपने साथियों को उसने तीन पिस्टलें दी थी।

#कोलकाता ले जाने वाला शख्स का पता चला

पुलिस को पता चला था कि कोलकाता पहुंचाने में मुख्तार अंसारी गिरोह ने उसकी मदद की थी। विवेचना में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुख्तार के करीबी एक पूर्व विधायक का रिश्तेदार ही सुरेन्द्र कालिया को कोलकाता तक ले गया था। इस दौरान सुरेन्द्र और उस शख्स ने नया सिम कार्ड इस्तेमाल किया था। यह बात पिछले साल भी सामने आयी थी तब इस मददगार के घर विभूतिखंड पुलिस ने दबिश भी दी थी। पुलिस का दावा है कि कुछ और साक्ष्य मिलने पर इस शख्स के खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी।

#रिमांड खत्म होने के बाद भेजा जेल

आलमबाग पुलिस ने सुरेंद्र कालिया की तीन दिन की रिमांड एक जून से ली थी। जो बृहस्पतिवार को समाप्त हुई। पूछताछ के बाद उसे दोपहर में गोसाईंगंज जेल में दाखिल कर दिया गया है। डीसीपी मध्य सोमेन वर्मा के मुताबिक,सुरेन्द्र से रिमांड पर कई जानकारियां मिली है। इनके बारे में पड़ताल करायी जा रही है। कुछ और साक्ष्य मिलने के बाद जिनके नाम सामने आ रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। खबर साभार।

हिस्ट्रीशीटर व पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र कालिया


रिपोर्ट: अमित कुमार सिंह

जर्नलिस्ट
a.singhjnp@gmail.com

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