जौनपुर। आज आरटीओ कार्यालय पर उस समय खलबली मच गई जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमाशू नागपाल, सीओ सिटी भारी पुलिस फोर्स के साथ आज पुनः एआरटीओ आफिस में धावा बोला। अचानक हुई छापेमारी से विभाग में हड़कंप मच गया दलाल डेंटल कालेज की तरफ से भाग निकले। आधा दर्जन से अधिक दलाल पुलिस के गिरफ्त में आये, जिसमें दो चहेत दलालों को अपना ड्राईबर बताया कर विभाग के अफसर ने पुलिस के चंगुल से छुड़ा लिया।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमाशू नागपाल, सीओ सिटी भारी पुलिस फोर्स के साथ करीब सवा 11 बजे एआरटीओं कार्यालय पहुंचे, सबसे पहले अधिकारियों का दल कार्यालय के बाहर दुकानों की सघन तलासी लिया तथा वहां पर मौजूद दुकानदारों से पुछताछ किया। अचानक अधिकारियों के धमकने से एआरटीओं कार्यालय में हड़कंप मच गया दलाल डेंटल कालेज की तरफ से भाग निकले। इस दरम्यान आधा दर्जन से अधिक संदिग्ध लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसमें अरविन्द यादव,नगेंद्र समेत तीन लोगो को अधिकारी ने अपना ड्राईबर बताकर छुड़ा लिया। विभागीय सूत्रों की माने ये तीनों लोग साहेब के सबसे बड़े मीडिएटर है। इन्ही माध्यम से लेन देन का काम होता है। फिलहाल ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मीडिया को बताया कि बाहर दुकानों पर कुछ एआरटीओ से सम्बंधित कागजात मिले है। उसकी जांच करायी जा रही है। इन दुकानदारों के पास लाइसेंस नही है। पकड़े गये दलालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। पत्रकारों के सवालों पर उन्होने कहा कि दलालो और विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के साठगांठ की भी जांच होगी इसमें जो भी दोषी पाया जायेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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| फाइलों का निरीक्षण करते ज्वाइंट मजिस्ट्रेट |
रिपोर्ट: अमित कुमार सिंह
जर्नलिस्ट
a.singhjnp@gmail.com

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