अलीगढ़ । गौंडा क्षेत्र के गांव ढांटोली में सात साल पहले मृत दर्शाई गई किशोरी अब बालिग हो गई है। सोमवार को उसके अदालत में बयान दर्ज कराए गए। साथ ही पुलिस को डीएनए मिलान की अनुमति मिल गई है।
अब पुलिस डीएनए कराने के साथ नए साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना कर रही है।
पुलिस ने उसे बरामद करके सोमवार को अदालत में पेश किया। यहां किशोरी के 164 के बयान दर्ज किए गए हैं। सीओ इगलास राघवेंद्र सिंह ने बताया कि किशोरी के बयानों का अवलोकन किया जाएगा। साथ ही डीएनए मिलान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भागवताचार्य को हुआ था शक, डिप्टी सीएम से मुलाकात के बाद हुई जांचमथुरा के वृंदावन निवासी भागवताचार्य उदय कृष्ण शास्त्री कुछ दिन पहले हाथरस के उसी गांव के पास स्थित अन्य गांव में भागवत के लिए गए थे।
भागवताचार्य उदय कृष्ण नगला चौखा में रहने वाले एक जजमान ने उन्हें भोजन के लिए बुलाया। उसी मकान के बगल में ये लड़की भी रहती थी। भोजन के दौरान लड़की आ गई थी। इस पर भागवताचार्य को शक हुआ कि लड़की जानी-पहचानी है। लेकिन, उसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं हो पाई। हालांकि शक होने पर उन्होंने फोन में लड़की की तस्वीर खींच ली। इसके बाद स्वजन को दिखाने पर स्पष्ट हुआ कि किशोरी वही है, जो सात साल पहले मृत दर्शाई गई थी। इसके बाद भागवताचार्य ने अपने स्तर से तहकीकात की। सबकुछ स्पष्ट होने के बाद भागवताचार्य डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से जाकर मिले। तब जाकर मामले में गंभीरता से जांच हुई।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि विष्णु ढांटोली के कुख्यात पंकज उर्फ भोला का साथी है। भोला हरेंद्र राणा गैंग का शार्प शूटर था। 11 अप्रैल 2015 को मैनपुरी जेल से उसे फिरोजाबाद में शिफ्ट किया गया था। 24 मई 2015 को कुख्यात भोला को फिरोजाबाद पुलिस लाइन के सिपाही पेशी के लिए मथुरा लाए थे। यहां से वापस फिरोजाबाद जेल आने के दौरान टूंडला के पास उसके साथियों ने पुलिस दल पर हमला किया था। इस दौरान एक सिपाही बदमाशों की गोली से जख्मी हो गया था। कुख्यात भोला को उसके साथी छुड़ा ले गए थे। इसमें विष्णु भी शामिल था। साभार आज।
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फाइल फोटो |
रिपोर्ट: अमित कुमार सिंह
जर्नलिस्ट
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