आजमगढ़। आजमगढ़ जनपद के जामुडीह निवासी प्रेम सिंह उर्फ डब्बू ने 2011 के अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) समेत के कई जगहों पर नागरिकों, युवाओं के साथ जनलोकपाल विधेयक के समर्थन में सड़कों पर उतरकर व्यापक प्रदर्शन किया था। गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित होकर, स्थानीय समर्थकों के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन और पर्चे बांटकर आंदोलन को देशव्यापी समर्थन दिया था।
दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में अन्ना आंदोलन के मुख्य समर्थक और कई गतिविधियों में शामिल रहें।
जन समर्थन: शहर के युवा, छात्र और आम नागरिक भारी संख्या में अन्ना हजारे की अनशन और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम के समर्थन में उनके साथ सड़कों पर उतर आए थे।
व्यापक विरोध: भ्रष्टाचार विरोधी जन आंदोलन के रूप में उन्होंने आजमगढ़ समेत कई जगहों में प्रदर्शन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जो 16 अगस्त से शुरू हुए आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
गांधीवादी दृष्टिकोण: आंदोलन ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों का अनुसरण किया, जिससे स्थानीय लोग गहराई से प्रेरित थे।
उद्देश्य: मुख्य लक्ष्य एक मजबूत जनलोकपाल विधेयक को पारित कराना था, ताकि सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार को नियंत्रित किया जा सके।
अन्ना हजारे के इस आंदोलन ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि आजमगढ़ जैसे स्थानीय स्तर पर भी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नई चेतना जगाई।
आज वो महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित रालेगण सिद्धि जाकर पुनः उनसे आशीर्वाद लिए। उन्होंने बताया कि अन्ना हजारे से मिलना मेरे लिए हमेश से हो सौभाग्य की बात रही हैं।
![]() |
| प्रेम सिंह उर्फ डब्बू अन्ना हजारे जी के साथ |
रिपोर्ट:अमित कुमार सिंह
एडिटर इन चीफ(परमार टाईम्स)
parmartimes@gmail.com

एक टिप्पणी भेजें