वाराणसी : UFBU (यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक) यूनियंस के आह्वान पर गुरुवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। यह हड़ताल 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग और केंद्र सरकार के 4 लेबर कोड (श्रम कानूनों) के विरोध में की गई। हड़ताल के कारण जिले में बैंकिंग कामकाज और वित्तीय लेन-देन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
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| अपनी मांग को लेकर हड़ताल पर रहे बैंककर्मी |
इस दौरान बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के ताले नहीं खुले। इससे बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
वाराणसी में पूर्ण सफलता-वाराणसी में पूर्ण तालाबंदी
देश के प्रमुख श्रम संगठनों व ए.आई.बी.ई.ए/ए आई.बी.ओ.ए तथा बेफि के आह्वान पर आहूत अखिल भारतीय बैंक हड़ताल की पूर्ण सफलता के साथ 12 फरवरी को वाराणसी में पूर्ण तालाबंदी रही ।यू.पी.बी.ई.यू वाराणसी इकाई के बैनर तले प्रात: से ही सैकड़ों की संख्या में बैंक कर्मचारियों ने मोटर साइकिल जुलूस निकाल कर हाथों में तख्ता व बैनर लिए सबसे पहले कैंटमेंट स्थित पंजाब नैशनल बैंक के मंडल कार्यालय पर घंटों जोरदार विरोध प्रदर्शन किया l उसके पश्चात विभिन्न बैंकों की शाखाओं पर नारेबाजी करते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा व नदेसर स्थित इंडियन बैंक के अंचल कार्यालय पर घंटों अपनी मांगों के समर्थन में और सरकार के निर्णय के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। आज बैंक कर्मियों के विरोध का केंद्र इंडियन बैंक का अंचल कार्यालय रहा, जहां 250 से अधिक की संख्या में बैंक कर्मियों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। इस एक दिन की हड़ताल में अकेले वाराणसी में भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर 350 से अधिक समस्त सरकारी बैंकों मे पूर्ण तालाबंदी रही व लगभग 2500 अधिकारियो और कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण अकेले वाराणसी में कैश, समाशोधन, अंतरण, नेफ्ट, आरटीजीएस नहीं होने के कारण लगभग 300 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ।
विरोध प्रदर्शन व उसके बाद विशाल सभा को संबोधित करते हुए यू.पी.बी.ई.यू वाराणसी इकाई के सहायक महामंत्री व यूपी बैंक इंप्लाईज़ यूनियन वाराणसी इकाई के मंत्री संजय शर्मा व अध्यक्ष आर.बी चौबे ने कहा की वाराणसी के समस्त बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों ने दिखाई एकजुटता।
उनकी प्रमुख मांगे
1. श्रम अधिकारों पर हमले बंद करें
2. नौकरियों और नौकरी की सुरक्षा पर हमले बंद करो.
3. निश्चित अवधि रोजगार को बंद करें
4. श्रम संहिताओं पर पुनर्विचार करें
5. प्रतिगामी प्रावधानों को हटाएं
प्रदर्शन व सभा का नेतृत्व उक्त दोनों पदाधिकारियों के अतिरिक्त आशीष श्रीवास्तव, जितेंद्र सोनकर, आनंद कुमार,विनय गुप्ता, प्रमोद सिंह, प्रमोद द्विवेदी, वर्तिका सोनी , आरती दुबे बंशी लाल,मनोज पांडे, बनारसी यादव सत्तन ,गुड्डू, सुधीर सिंह, पी के घोष,संजय कुमार शर्मा,आरती सेठ आदि मौजूद रहें।
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| फाइल फोटो |
रिपोर्ट:अमित कुमार सिंह
एडिटर इन चीफ(परमार टाईम्स)
parmartimes@gmail.com


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