ग्राम प्रधान और ब्लॉक अधिकारियों मिलीभगत से लाखों रुपए का बंदरबाट,विकास कार्य कागजों तक ही सीमित।

ग्राम प्रधान और ब्लॉक अधिकारियों मिलीभगत से लाखों रुपए का बंदरबाट,विकास कार्य कागजों तक ही सीमित।

                          राम नरेश प्रजापति

जौनपुर । स्थानीय थाना क्षेत्र सरपतहा के सुइथाकला विकासखंड के मदारीपुर भेला ग्राम सभा में गांव के लोगों ने ग्राम प्रधान अजय कुमार तथा विकासखंड के अधिकारियों कर्मचारियों पर सरकारी धन का बंदरबांट करने का आरोप लगाया है जिसके संबंध में गांव के लोगों ने जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह को लिखित रूप से हलफनामा देकर शिकायत किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान अजय कुमार के 5 साल के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्य केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गए जबकि शासन द्वारा लाखों रुपए का बजट ग्राम पंचायत को आवंटित किया गया उसके सापेक्ष ग्राम सभा में विकास कार्यों के नाम पर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। डीएम को दिए गए शिकायती पत्र के साथ हलफनामे में ग्रामीणों ने अवगत कराया है कि विगत कई माह से ग्राम प्रधान सचिव तथा ब्लॉक के अन्य अधिकारियों कर्मचारियों की विकास कार्यों के संबंध में बार-बार शिकायत की जा रही है किंतु अधिकारियों कर्मचारियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है जिससे क्षुब्ध होकर गांव के ही इंदल कुमार पुत्र बखेडू, अर्जुन, गौरी शंकर मिश्र, अभिषेक कुमार मिश्र (सिंटू), भानु प्रताप मिश्र ( लाली) आदि लोगों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। शिकायत कर्ताओं का आरोप है कि विगत 5 साल में ग्राम पंचायत के विकास कार्य केवल कागज पर ही हैं। खड़ंजा ,चक मार्ग, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, सोलर लाइट, नल की रिबोर एवं मरम्मत ,पंचायत भवन का फर्नीचर ,डस्टबिन, ह्युम पाइप, जल निकासी के लिए नाली आदि कितने अनगिनत कार्य केवल कागज पर ही हैं और धन निकालकर प्रधान तथा विकास खंड के कर्मचारी बंदरबांट में लगे हुए हैं। दिए गए शिकायती हलफनामे में शिकायत कर्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग किया है कि प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेकर ग्राम पंचायत के सभी कार्यों की जांच के लिए समिति गठित  करने का निर्देश देकर घोटाले की जांच कराई जाए जिसमें बहुत बड़े घोटाले की संभावना की जा रही है। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच सौंपी है तथा शिकायत कर्ताओं को जांच उपरांत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब हो कि ग्रामीणों का आरोप है कि जिलाधिकारी को ग्रामीण बार-बार हलफनामा देकर शिकायत करते करते थक चुके हैं लेकिन फिर भी उच्चाधिकारियों द्वारा ग्राम सभा के विकास कार्यों में धांधली की निष्पक्ष जांच करवाना असंभव सा कार्य हो गया है जो रावण द्वारा स्वर्ग में सीढ़ी बनवाने के समान दिखाई दे रही है और डीएम के आदेश का पालन उच्चाधिकारियों द्वारा रत्ती भर भी नहीं किया जाता है वह स्वयं जांच ना करके केवल निचले अधिकारियों कर्मचारियों को ही जांच सौंपते हैं जिसके परिणाम स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार मुक्त भारत तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश के सपनों पर जिलाधिकारी सहित आला अधिकारियों द्वारा पलीता लगाया जा रहा है। स्वयं जांच ना करके निचले अधिकारियों कर्मचारियों को ही जांच सौंपने का वर्षों से सिलसिला जारी है जिसमें गांव के लोगों द्वारा जिले के आला अधिकारियों की ब्लॉक के अधिकारियों कर्मचारियों की काफी गहरी सांठगांठ तथा सरकारी धन के बंदरबांट में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है जिसके परिणाम स्वरूप प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध उठाए गए कदम तथा प्रयासों पर लगातार पानी फिर रहा है और गांव के लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। जिलाधिकारी के कार्यकाल में अधिकारी कर्मचारी मस्त हैं और जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है जिससे ग्राम सभा में भ्रष्टाचार और लूटपाट का बोलबाला है जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। जिले के आला अधिकारियों द्वारा ब्लॉक के अधिकारियों कर्मचारियों तथा ग्राम प्रधान को बचाए जाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है क्योंकि इसके पीछे शौचालय ,आवास सहित विकास कार्य में खर्च हुए बजट का जमकर बंदरबांट करने की आशंका ग्रामीणों द्वारा लगाई जा रही है। ग्राम सभा के विकास कार्यों में अनियमितता के संबंध में कई बार ग्रामीणों द्वारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई किंतु ग्रामीणों का आरोप है कि अपने चहेते खंड विकास अधिकारी राम दरस यादव सहित विकासखंड के कई अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी आनाकानी कर रहे हैं और किसी भी सूरत में निष्पक्ष जांच में रुचि लेने  लेने को तैयार नहीं हैं।


रिपोर्ट: अमित कुमार सिंह
फ्रीलांस जर्नलिस्ट
जौनपुर
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