अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में हिंदू युवक की गैर समुदाय के युवकों ने जमकर पिटाई की. वे ताबड़तोड़ युवक पर बेल्ट बरसाते रहे, युवक को गिराकर अपने पैरों पर नाक भी रगड़वाई. पिटाई से युवक चीखता रहा, माफी भी मांगता रहा, इसके बावजूद आरोपियों का दिल नहीं पसीजा. मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. मामला सुलेमान हॉस्टल का है. विश्वविद्यालय इंतजामिया ने मामले की जांच कराने की बात कही है. वायरल वीडियो 1 महीने पुराना बताया जा रहा है.
युवक को धमकी दे रहे आरोपी : पीड़ित छात्र ने बताया कि 'मेरा नाम आकाश है. मैं महेशपुर गांव का रहने वाला हूं. एएमयू के छात्र नेता फरमान मुझे शराब पीने के लिए कह रहे थे, मैंने मना किया तो वह गुस्सा हो गए. तीसरे दिन आए और बोले कि आकाश तुझसे कुछ बात करनी है. इसके बाद मुझे अपनी गाड़ी में बैठाकर एएमयू के सुलेमान हॉस्टल में ले गए. वहां एक कमरे में बैठाया. उस दौरान 10 से 12 अन्य लड़के भी मौजूद थे. उन लोगों ने मेरे साथ मारपीट की. गालियां दीं, और मोबाइल फोन भी छीन लिया. पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने आरोपियों के साथ मुझे भी थाने के हवालात में बंद कर लिया. मैंने पुलिस से बताया कि मेरी गलती नहीं है, रात आठ बजे पुलिस ने मुझे छोड़ा. इसके बाद आरोपियों को भी छोड़ दिया. मेरे साथ बहुत मारपीट की गई. वीडियो भी बनाई गई. मुझसे पैर भी पकड़वाए. बोल रहे थे कि तू हिंदू है. मुझे लगातार धमकी दे रहे हैं'.
प्रॉक्टर बोले- वीडियो विवि का है, यह स्पष्ट नहीं : मामले में AMU प्रॉक्टर वसीम अली का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो की जानकारी मिली है. अभी यह कंफर्म नहीं हो रहा है कि यह वीडियो किस जगह का है, ये विवि का ही है, इसके सुबूत नहीं मिल पा रहे हैं. वीडियो हॉस्टल का है या यूनिवर्सिटी की किसी अन्य जगह का यह क्लीयर नहीं है. दूसरी बात यह है कि जो मारपीट कर रहे हैं, वह कौन लोग हैं, जिनके साथ मारपीट हो रही है वह कौन है, इन सबकी जानकारी लेने की कोशिश की जा रही है. अगर यह घटना एएमयू कैंपस की है. इसमें कैंपस का कोई छात्र शामिल है तो विवि के कानून के हिसाब से उस पर कार्रवाई की जाएगी.
फरमान और आकाश विवि के छात्र नहीं : सिविल लाइन सीओ अशोक कुमार का कहना है कि आकाश और राहुल उर्फ फरमान में विवाद हो गया था. उस विवाद को लेकर थाना क्वारसी में सूचना दी गई थी. थाना क्वार्सी की पुलिस दोनों को थाने ले गई थी. उस समय आकाश ने कोई तहरीर नहीं दी थी. शांति भंग के मद्देनजर राहुल उर्फ फरमान को 151 में जेल भेजा गया था. यदि आकाश द्वारा कोई तहरीर अब दी जाती है तो मामले में उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा. राहुल और आकाश एएमयू के छात्र नहीं हैं. साभार ईटीवी।
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फाइल फोटो |
रिपोर्ट: अमित कुमार सिंह
जर्नलिस्ट
a.singhjnp@gmail.com
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