आजमगढ़। नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः। यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः। यह श्लोक महिलाओं के प्रति सम्मान और उन्हें सम्मानजनक स्थान देने की बात करता है, जो भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है।
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| आकांक्षा अपने परिजनों के साथ |
आज आज हम आपको बताने वाले हैं मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के डंगरहा गांव निवासी जनार्दन सिंह के भाई अजयसिंह की सुपुत्री आकाक्षा सिंह की। जिसने इस कहावत को चरितार्थ किया है।
आकांक्षा का चयन एसएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में सब लेफ्टिनेंट(नेवी )के पद पर हुआ। उसके इस चयन से ना सिर्फ परिजनों में हर्ष का माहौल है बल्कि पूरे गांव एवं क्षेत्र में भी लोग अपनी खुशी जाहिर करते हुए नजर आए। जनार्दन सिंह को शुभकामना देने के लिए आसपास के काफी सम्मानित लोग उनके घर आकर उन्हें बधाई दिया।
आकांक्षा अपने भाइयों बहनों में सबसे बड़ी है और अपनी तैयारी चेन्नई स्थित एसआरएम इंजीनियरिंग कॉलेज से किया है।
उसकी उपलब्धि न सिर्फ उसके लिए बल्कि आने वाले नई पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगा।
उनके घर पहुंचे सांसद दरोगा प्रसाद सरोज ने कहा कि ऐसे बच्चियों के कारण ही गांव और क्षेत्र का नाम रोशन होता है। गांधी इंटर कालेज कूबा के प्रबंधक शिवपूजन सिंह ने कहां की ऐसे बच्चे और बच्चियों के वजह से हमारे क्षेत्र का नाम बढ़ता है।
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| फाइल फोटो |
रिपोर्ट:अमित कुमार सिंह
एडिटर इन चीफ(परमार टाईम्स)
parmartimes@gmail.com


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