शादी के खाने के विवाद में युवक की बर्बर पिटाई कर हत्या;पांच और गिरफ्तार, अब तक छह आरोपी गिरफ्तार

शादी के खाने के विवाद में युवक की बर्बर पिटाई कर हत्या;पांच और गिरफ्तार, अब तक छह आरोपी गिरफ्तार

मेंहनाजपुर (आजमगढ़): थाना मेंहनाजपुर क्षेत्र के डण्डवल गांव में 8 जुलाई की रात एक शादी समारोह के दौरान भोजन को लेकर हुए विवाद में युवक प्रितोष राजभर की लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के मद्देनजर पुलिस ने गुरुवार सुबह बरवां मोड़ पर घेराबंदी कर पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी अजीत यादव उर्फ भंटा पहले ही मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हो चुका है, जिससे अब तक कुल छह अभियुक्त नियंत्रण में हैं।

घटना का सिलसिला और पृष्ठभूमि
पुलिस सूत्रों के अनुसार 8 जुलाई की रात डण्डवल गांव में आयोजित शादी समारोह के दौरान खाने को लेकर दो पक्षों में विवाद उभरा। विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई और फिर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से किए गए हमले में प्रितोष गम्भीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की मां चन्द्रकला ने थाना मेंहनाजपुर में तहरीर दी थी, जिस पर प्राथमिकी दर्ज की गई।

गिरफ्तारी और बरामदगी
मुखबिर की सूचना पर मेहनाजपुर पुलिस ने बरवां मोड़ पर घेराबंदी कर आशीष यादव, राजा चौहान, अभिषेक खरवार, शनि चौहान (सभी निवासी डण्डवल) तथा आनंद राजभर (निवासी सराय खुरसू, थाना देवगांव) को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक लकड़ी का डंडा तथा एक लोहे की रॉड भी बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

मुख्य आरोपी की पिछली गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी अजीत यादव उर्फ भन्टा पहले ही मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद पकड़ा जा चुका था। उसके साथियों के पकड़ में आने के बाद केस की रूपरेखा और घटनाक्रम स्पष्ट हो रहा है, और प्रारंभिक पूछताछ से यह संकेत मिले हैं कि घटना योजनाबद्ध या सामूहिक रूप से अंजाम दी गई थी।

कानूनी कार्रवाई
जांच की शुरुआती रिपोर्ट एवं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में भारतीय दण्ड संहिता (BNS) की धारा 3(5) भी जोड़ी है, जो सामूहिक रूप से अपराध करने की प्रवृत्ति को दर्शाती है। मामले की आगे की विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि आवश्यक फोरेंसिक और चिकित्सकीय रिपोर्टें (पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि) प्राप्त कर ली जा रही हैं, जिनके आधार पर और प्रकरण उभरेंगे।

पुलिस का कथन और जांच टीम
गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अमित कुमार पाल, उपनिरीक्षक विक्रांत मिश्रा, उपनिरीक्षक प्रशांत पाण्डेय, हेड कांस्टेबल पारस नाथ यादव, हेड कांस्टेबल कालिका यादव तथा हेड कांस्टेबल गुरूदयाल सिंह रहे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय ने कहा है कि घटना के सभी पहलुओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर उपलब्ध साधन उपयोग में लाया जाएगा।

पारिवारिक प्रतिक्रिया और स्थानीय हालात
मृतक के परिजनों ने गिरफ्तारियों पर आंशिक संतोष जताया है, लेकिन वे दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आगे की संभावनाएँ
पुलिस ने कहा है कि फोरेंसिक व मोबाइल कॉल डिटेल्स (सीडीआर) की पड़ताल भी जारी है। अदालत में आरोप पत्र दायर होने के बाद मामले की सुनवाई का क्रम तय होगा।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 5 अन्य आरोपी

रिपोर्ट:अमित कुमार सिंह
एडिटर इन चीफ(परमार टाईम्स)
parmartimes@gmail.com

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